सनातन संस्कृति का मजबूत अंग है हमारा बाल्मीकि समाज

कैसे है वाल्मीकि समाज सनातनधर्म का अभिन्न अंग अरुण लवानिया अंग्रेजों के समय से ही सनातन की इमारत से एक एक कर ईंटों को सरकाने का षड़यंत्र चला आ रहा है। इसके पीछे जिसका भी का हाथ है उसका चेहरा हमसे अब छिपा नही है , कागजी स्वतंत्रता यानी ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर के पश्चात उपजी …

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भगवान शिव के 108 नाम और उनके अर्थ

शास्त्रों और पुराणों में भगवान शिव के अनेक नाम है। जिसमें से 108 नामों का विशेष महत्व है। यहां अर्थ सहित नामों को प्रस्तुत किया जा रहा है। 1- शिव – कल्याण स्वरूप2- महेश्वर – माया के अधीश्वर3- शम्भू – आनंद स्वरूप वाले4- पिनाकी – पिनाक धनुष धारण करने वाले5- शशिशेखर – सिर पर चंद्रमा …

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गधे की कब्र और अंधविश्वास का कारोबार

आचार्य रजनीश एक फकीर किसी बंजारे की सेवा से बहुत प्रसन्‍न हो गया। और उस बंजारे को उसने एक गधा भेंट किया। बंजारा बड़ा प्रसन्‍न था। गधे के साथ, अब उसे पेदल यात्रा न करनी पड़ती थी। सामान भी अपने कंधे पर न ढोना पड़ता था। और गधा बड़ा स्‍वामीभक्‍त था। लेकिन एक यात्रा पर …

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विधि का विधान

प्रदीप सिसोदिया भगवान श्री राम का विवाह और राज्याभिषेक, दोनों शुभ मुहूर्त देख कर किए गए थे; फिर भी न वैवाहिक जीवन सफल हुआ, न ही राज्याभिषेक! और जब मुनि वशिष्ठ से इसका उत्तर मांगा गया, तो उन्होंने साफ कह दिया “सुनहु भरत भावी प्रबल,बिलखि कहेहूं मुनिनाथ।हानि लाभ, जीवन मरण,यश अपयश विधि हाथ।।” अर्थात – …

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उपवास का महत्वऔर प्लेसिबो की खोज

डॉक्टर रसेल ट्रॉल यह पहले अमेरिकन एलोपैथिक डॉक्टर थे। सरकारी डॉक्टर होने के नाते वो गांव गांव जाकर बीमार लोगों को दवाइयां देते थे। एक दिन उन्होंने देखा कि एक महिला बहुत ही गंभीर बीमार है। उन्होंने चेक किया और उनके घर वालों को बताया कि वो महिला 1 हफ्ते से ज्यादा दिन जीवित नहीं …

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हमारे कौरव पाण्डव और हमारा महाभारत

जयवीर रावत शास्त्र कहते हैं कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष जनसंख्या का 80% सफाया हो गया था। युद्ध के अंत में, संजय कुरुक्षेत्र के उस स्थान पर गए जहां संसार का सबसे महानतम युद्ध हुआ था। उसने इधर-उधर देखा और सोचने लगा कि क्या वास्तव में यहीं युद्ध हुआ …

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श्राद्ध करने की सहज विधि

कृष्ण भागवत किंकर पितृपक्ष, महालय या पार्वण पक्ष या श्राद्ध पक्ष 20 सितम्बर से आरम्भ होने वाला है। अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए उन्हें धन्यवाद पूर्वक स्मरण करने के साथ जीवन में शांति , सुख, समृद्धि, वृद्धि, निर्विघ्नता आदि के लिए श्राद्ध, पितृ तर्पण,पिण्डदान, गोदान, आदि करने का विधान सनातनी परम्परा है। …

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हनुमानजी की अद्भुत पराक्रम भक्ति कथा

जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने 1000 अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया ! ये ऐसे थे जिनको काल भी नहीं खा सका था! विभीषण के गुप्तचरों से समाचार मिलने पर श्रीराम को चिंता हुई कि हम लोग इनसे कब तक लड़ेंगे ? सीता का उद्धार …

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भारत में जातिवाद अंग्रेजों का बिछाया हुआ एक षड्यंत्र और उसकी काट

भारत के इतिहास मे कहीं भी देखा जाए जीवन को सही ढंग से उत्पादक वर्ग ने ही जिया है जिसका सबूत है वर्तमान में उनकी जनसंख्या। भारत में आज भी ब्राह्मण थोड़े से ही हैं और समाज ने इन्हें कमाने का अधिकार इनसे छीन लिया क्योंकि ऋषि जानते थे कि ज्ञान और धन दोनों मिलकर …

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सनातन के सप्तऋषि

ऋषि अंगिरा ऋग्वेद के प्रसिद्ध ऋषि अंगिरा ब्रह्मा के पुत्र थे। उनके पुत्र बृहस्पति देवताओं के गुरु थे। ऋग्वेद के अनुसार, ऋषि अंगिरा ने सर्वप्रथम अग्नि उत्पन्न की थी। ऋषि विश्वामित्र गायत्री मंत्र का ज्ञान देने वाले विश्वामित्र वेदमंत्रों के सर्वप्रथम द्रष्टा माने जाते हैं। आयुर्वेदाचार्य सुश्रुत इनके पुत्र थे। विश्वामित्र की परंपरा पर चलने …

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