आर्थिक संगठन का स्वरुप कैसा होगा और यह काम कैसे करेगा

आर्थिक संगठन की आत्मा होती है : पूँजी यानि की कैपिटल जो आज हर किसी के पास नही होती है, पूँजी की मदद से ही सभी व्यापारिक गतिविधियाँ चलाई जा सकती है। पूँजी को हाथ में कैश के रूप में नही रखा जा सकता है। इसके लिए एक बैंक खाते की आवश्यकता होती है और वो भी करंट अकाउंट होना चाहिए क्यूंकि हमें ऐसा बैंक खाता चाहिए होता है जिसमें जितनी बार मर्जी लेन देन किया जा सके। बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट में तो केवल सीमित लेन देन ही किया जा सकता है।

बैंक खाता खोलने के लिए एक पैन कार्ड की आवश्यकता होती है जो किसी फर्म या कम्पनी के नाम से होना चाहिए। भारत सरकार ने व्यवसाय करने के लिए निम्नलिखित दस व्यावसायिक उपकरणों की सुविधा दे रखी है जिनके माध्यम से व्यवसाय किया जा सकता है :

क्रमांक व्यावसायिक उपकरण का नाम कितने सदस्य शामिल हो सकते हैं
1. प्रोप्राइटरशिप फर्म केवल एक
2. पार्टनरशिप फर्म दो से एक सौ
3. एल.एल.पी. (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप) दो से असंख्य
4. ओ.पी.सी. (वन पर्सन कम्पनी) केवल एक
5. प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी दो से दौ सौ
6. लिमिटड कम्पनी सात से असंख्य
8. फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी दस से असीमित
9.एच.यू.ऍफ़. ( हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली) एक ही संयुक्त हिन्दू परिवार के लोग
10.कोआपरेटिव यानि सहकारी संस्था दस से असीमित

इन दस व्यावसायिक उपकरणों के अलावा कोई और उपकरण भारत में ऐसा नही है जिसके माध्यम से कोई व्यापारिक गतिविधि चलाई जा सके। फिलहाल हमें जो उपकरण सूट करता है वो है तीसरे नम्बर वाला एल.एल.पी. यानी के लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप। इसे बनाना भी बेहद आसान है और इसे चलाने में भी कोई ख़ास दिक्कत नही है। इसके गठन में लगभग बीस हज़ार रुपये का खर्च आता है। इसका गठन केंद्र सरकार द्वारा नामित रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज करता है जिसका कार्यालय दिल्ली में है। इसका गठन कम्पनी सेक्रेट्री के माध्यम से करवाया जा सकता है। इसके माध्यम से न सिर्फ भारत के सभी राज्यों में अपितु पूरी दुनिया में व्यापार किया जा सकता है।

पूँजी कैसे खड़ी की जाएगी

एल.एल.पी. की हरेक सदस्य महिला पार्टनर कहलायेगी और वो नफे नुक्सान में बराबर का हिस्सेदार होगी इसमें कोई भी छोटा बड़ा नही होगा और सभी के हक बराबर होंगे। हरेक महिला सदस्य हर महीने सौ रूपये का अंशदान एल एल पी में करेगी यदि तीन सौर महिलाएं सदस्य होंगी तो हर महीने तीस हज़ार रुपये की पूँजी बनेगी तो एक साल में तीन लाख साठ हज़ार रुपये हो जाएगी और दस साल में छतीस लाख रुपये हो जाएगी।

पूँजी क्या काम आयेगी

पूँजी आपके समूह की सामूहिक ताकत होगी जिसकी मदद से आप निर्णय ले सकेंगी। यह धन आपके हाथ में होगा जो आपके व्यवसाय करने के काम आएगा। इसी की मदद से आपका आत्मविश्वास बढ़ता चला जाएगा। इसी की मदद से आपके सभी काम बनेंगे और आपकी एल.एल.पी. को लाभ होगा और जो लाभ होगा वो सरकार का टैक्स चुकाने के बाद सभी पार्टनर्स में बांटा जाएगा।

एल.एल.पी. से एक महिला पार्टनर को क्या फायदे होंगे

क्रमांक संभावित फायदा
1. एल.एल.पी. अपने सभी सदस्यों के लिए सामूहिक खरीद करेगी जो थोक मूल्य यानि व्होल सेल प्राइस पर की जाएगी और उसके पैक्ट्स आदि बना कर सभी सदस्यों को घर खपत के लिए दिए जायेंगे। इससे फायदा यह होगा कि घर में प्रयुक्त होने वाला सामान आपको बाज़ार से सस्ते दामों पर तो मिलेगा ही उपर से कुछ प्रतिशत लाभ के तौर पर एल.एल.पी. के खाते में बच जाएगा जिसका उपयोग कार्यालय को चलाने और सफाई पैकिंग कार्य में काम करने वाली महिलाओं को उनका मेहनताना देने में क्रच किया जायेगा। साल के अंत में जो भी लाभ होगा उसे सरकार का टैक्स चुकाने के बाद लाभांश के तौर पर सभी पार्टनर्स में बराबर बाँट दिया जायेगा।
2. अभी बाज़ार और व्यावसाय में आपकी कोई हिस्सेदारी नही है लेकिन यदि एल.एल.पी. शुरू होने के बाद एक महिला यदि एक हज़ार रुपये का सामान अपनी एल.एल.पी. से अपने घर ले जाती है तो आपकी बाज़ार में हिस्सेदारी तीन लाख प्रतिमाह यानी छत्तीस लाख रुपये सालाना हो जाएगी जिसमें से दस प्रतिशत यानी तीन लाख साठ हज़ार रुपये का सीधा सीधा प्रॉफिट बनाया जा सकता है जो सभी पार्टनर्स में बांटा जा सकता है। इसी प्रॉफिट के मार्फ़त एल.एल.पी. में काम करने वाली महिलाओं को मेहनताना आदि दिया जा सकता है।
3. सभी महिला पार्टनर कोई न कोई उत्पाद मिलकर निर्माण भी करेंगी और उन्हें बेच कर जो लाभ होगा वो भी प्रॉफिट में जुड़ेगा और सरकार का टैक्स चुकाने के बाद सभी पार्टनर्स में बराबर बराबर बांटा जाएगा।
4. जब आप आर्थिक रूप से संगठित होंगे तो सभी सदस्यों के अनेक खर्च जैसे मोबाइल बिल आदि कम किये जा सकते हैं। उदहारण के तौर पर एल.एल.पी. अपने सदस्य पार्टनर्स के लिए CUG कनेक्शन का प्लान ले सकती है जिसमें हरेक सदस्य का एक बिल समान बिल आयेगा और मोबाइल कम्पनी बस एल.एल.पी. को एक ही बिल भेजेगी और सभी सदस्यों की आपसी बातचीत फ्री हो जाएगी। ऐसा करने से हरेक सदस्य को कमसे कम दो सौ रुपये प्रतिमाह की बचत तो होगी ही अपितु मोबाइल कम्पनी की ओर से अनेको सुविधाएँ या ऑफर भी लिए जा सकते हैं।
5. इसीतरह भविष्य में एल.एल.पी.के सदस्यों को जब समझ बढ़ जाएगी तो वे ग्रुप इंश्योरेंस पालिसी खरीद कर अपने हरेक सदस्य को सुरक्षित कर सकती है जिससे हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाकर सभी सदस्यों के परिवारों को एक सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सकता है।
6.एल एल पी अपना सारा व्यवसाय बैंक के माद्यम से चलाएगी और सदस्यों के साथ सभी लेन देन ऑनलाइन बैंक खाते के माध्यम से किये जायेंगे जिससे हरेक महिला सदस्य पार्टनर की बैंक में साख बढ़ेगी जिसका उसे जीवन भर फायदा होगा।हरेक सदस्य के पास पैसे रुकेंगे और वो अपनी कमाई को मन मुताबिक़ अपने परिवार के उपर खर्च कर सकेगी।
7. अपनी एल एल पी केगठन के बाद आपको बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा जैसे हिसाब किताब रखना , कार्यालय चलाना , उत्पादन को मैनेज करना, डाटा एकत्र करना, कम्प्यूटर चलाना, बातचीत करना, अपनी बात रखना, लेटर लिखना और भाषाई ज्ञान, तकनीकी शब्दावली। कुल मिलकर हरदिन आप कुछ ना कुछ न्य अवश्य सीखेंगे।
8. जैसे ही आपका काम चलेगा तो सरकारी और गैर सरकारी सभी इदारे आपसे सीखने के लिए आपके पास आएंगे कि आपने अपना आर्थिक संगठन कैसे बनाया और आप इसे कैसे चलाती हैं। आप सभी की समाजिक वैल्यू में आशातीत वृद्धि होगी।

एल.एल.पी. गठन हेतु हरेक सदस्य को क्या करना होगा

एल.एल.पी. का सदस्य पार्टनर बनने के लिए हरेक महिला सदस्य के पास निम्नलिखित तीन चीजें होनी चाहिये

  1. आधार कार्ड
  2. पैन कार्ड
  3. बैंक अकाउंट

एक विशेष बात यह है कि सभी तीनों डाक्यूमेंट्स में नाम और पता बिलकुल एक जैसा होना चहिये और पता बिलकुल प्रॉपर होना चाहिए जैसे मकान नम्बर या नज़दीक किसी स्थान का नाम उसमें होना चाहिए। ताकि सरकार द्वारा भेजा गया कोई भी डॉक्यूमेंट डाक द्वारा आपको मिल सके।

जिन महिलाओं के पास इन तीनों में से किसी एक डॉक्यूमेंट की कमी है तो कृपया उस कमी को दूर करने का प्रयास करें और अपने डॉक्यूमेंट एक बार चेक करें और देखें कि उनमें पता और नाम की स्पेल्लिंग आदि ठीक है। यदि कुछ गड़बड़ पायी जाती है तो आप उसे ठीक करवाने का प्रयास करें।

क्रमश:

इस लेख को मैं फिलहाल यहीं समाप्त कर रहा हूँ लेकिन यहाँ से आगे तीसरे लेख को लिखूंगा और पूरा प्लान और हरेक स्टेप को कैसे कवर किया जायेगा मैं लिख कर आपके सामने रखूँगा । आप सभी से निवेदन है कि इन लेखों को पढ़ें और जो सवाल आपके मन में उठें उन्हें ग्रुप में पूछ लें । मैं सभी के जवाब अपनी समझ और अनुभव के आधार पर देने की कोशिश करूँगा । मैं हरेक बात को आपको लिख कर बताउंगा ताकि किसी प्रकार का कन्फ्यूजन किसी को ना रहे और हमारा संवाद एकदम सही दिशा में चले ।