नास की जड़ फ्री रैडिकल्स और उनका तोड़

फ्री रैडिकल्स और ऐंटीऑक्सीडैंट्स ऑक्सीजन एक ऐसी चीज है जिसके बिना जीवन की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। विडम्बना है कि यही ऑक्सीजन कुछ विशेष परिस्थितियों में हमारे शरीर को बहुत अधिक क्षति भी पँहुचा सकता है, इतनी कि कुछ वैज्ञानिक इसे कर्करोग या वृद्धावस्था लाने के लिए बहुत हद तक जिम्मेदार ठहराते हैं। फ्री रैडिकल्स या रिऐक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (आरओएस) की जानकारी डाक्टरी हलके के बाहर शायद कम को हो किन्तु उन के काट “ऐंटीऑक्सीडैंट्स” के नाम सबों ने सुन रखे होंगे. शायद यह भी सुना हो कि ये ऐंटीऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर से फ्री रैडिकल्स को हटाते हैं, …

Read more

दाल और मेहमान

एक बार की बात है एक आदमी अपणी घरआली तै बोल्या: आज मेरे दफ्तर के यार खाणा खाण आवेंगे कीमे आछ्या बणा लिए!घरआली बोली: जी घर नै तो कीमे ना बच रहया बस दाल ए सै!आदमी बोल्या बस तू दाल ए बणा लिए और वे आवेंगे जद भीतर तै बर्तन नीचै पटके जाइए, मैं कहूँगा के होया तूकहिये खीर पड़गी, फेर कहिये हलवा पड़ग्या, नु करदे करदे सारी चीज गिणा दिए! फेर मैं कहूँगा के बच्या सै तू कहिये दाल बची सै,मैं कहूँगा वा ए लिया!उसकी घरआली बोली ठीक सै.मेहमान आए!!भीतर तै बर्तन गिरण की आवाज आई वो बोल्या भागवान …

Read more