किसान भाईयों नमस्कार मैं और मेरी टीम यहाँ जीरकपुर मोहाली पंजाब में बैठ कर पूरे देश में चलर ही कृषि सेक्टर की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं और आपके लिए राज्यवार कृषि समाचार बुलेटिन तैयार करते हैं जिसे आप अपनी चॉइस की ख़बरें नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं:-
- स्टार्टअप इंडिया उभरती अर्थव्यवस्था का नया आधारभारत में मान्यता प्राप्त नवउद्यम (Startup) की संख्या 1,90,000 से अधिक है। इन नवउद्यमों में करीब 10,000 निवेशकों ने पूंजी लगाई है। वर्ष 2014 के बाद से भारतीय नवउद्यमों ने लगभग 164 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 14 लाख करोड़ रुपये) का निवेश जुटाया है। नवउद्यमों में कुल लगाए गए पूंजी का लगभग 83 प्रतिशत भाग विदेशी स्रोतों से आया है। 2014 से सितंबर 2025 के बीच नवउद्यम क्षेत्र में लगभग 136 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 11.6 लाख करोड़ रुपये) का विदेशी निवेश हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार नवउद्यमों को दीर्घकाल में घरेलू निवेश की ओर बढ़ना आवश्यक है। भारत में बीमा… स्टार्टअप इंडिया उभरती अर्थव्यवस्था का नया आधार
- जेमिमा रोड्रिग्स : हाकी से क्रिकेट की पिच तक पहुंचने की प्रेरक कहानीFocused keyword: जेमिमा रोड्रिग्स Meta description: जेमिमा रोड्रिग्स की प्रेरक यात्रा और सफलता की कहानी, जिन्होंने हाकी छोड़कर क्रिकेट चुना और वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल में पहुंचाया। Read more Tags: जेमिमा रोड्रिग्स,भारतीय महिला क्रिकेट,महिला खेल,वनडे वर्ल्ड कप,मुंबई क्रिकेट,एमआईजी क्लब,हाकी और क्रिकेट,क्रिकेट प्रेरक कहानियां,भारतीय खेल नायिका,महिला सशक्तिकरण Slug: jemimah-rodrigues-biography जेमिमा रोड्रिग्स बचपन में हाकी और क्रिकेट दोनों खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करती थीं। 11 वर्ष की आयु में उन्हें तय करना पड़ा कि हाकी खेलेंगी या क्रिकेट। सिर्फ तीन साल की उम्र में उन्हें दादाजी ने प्लास्टिक का बैट दिया था, जिससे उनकी क्रिकेट यात्रा शुरू हुई। उनके पहले… जेमिमा रोड्रिग्स : हाकी से क्रिकेट की पिच तक पहुंचने की प्रेरक कहानी
- डिजिटल अरेस्ट है क्या और सुप्रीम कोर्ट क्या कह रहा है ?देशभर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामलों में अब तक 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की उगाही का अनुमान है । अपराधी ऑडियो या वीडियो कॉल पर खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराने-धमकाने की रणनीति अपनाते हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि इन अपराधों का संचालन विदेशों से संचालित सिंडिकेट द्वारा किया जाता है। हरियाणा की एक बुजुर्ग महिला से सितंबर में 1.05 करोड़ रुपए की ठगी, मामले का अदालत ने संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एक न्यायमित्र नियुक्त किया है। अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर 2025 तय की गई। अन्य याचिकाओं के साथ ऑनलाइन जुआ… डिजिटल अरेस्ट है क्या और सुप्रीम कोर्ट क्या कह रहा है ?
- साइबर गुलामी: आधुनिक मानव तस्करी का खतरनाक डिजिटल रूपसाइबर गुलामी आधुनिक मानव तस्करी का एक नया डिजिटल रूप है। युवाओं को उच्च वेतन और बेहतर नौकरी के बहाने विदेश बुलाया जाता है। वहां पहुंचने पर पासपोर्ट जब्त कर उन्हें ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी में लगाया जाता है। म्यांमार, कंबोडिया, लाओस और फिलीपींस में ऐसे साइबर अपराध केंद्र तेजी से बढ़े हैं। म्यांमार के केके पार्क से हाल ही में 28 देशों के लगभग 1,500 लोग भागकर थाईलैंड पहुंचे। इनमें लगभग 500 भारतीय थे जिनकी वापसी प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा शुरू की गई। मार्च 2025 में भारत ने सैन्य विमान से 549 नागरिकों को वापस लाया था। धोखे से… साइबर गुलामी: आधुनिक मानव तस्करी का खतरनाक डिजिटल रूप
- अपने बैंक खाते में जमा करके भूले हुए पैसे वापिस कैसे पायेंअपने पुराने बैंक खाते में पैसे जमा करके भूल गए? RBI आपकी मदद करेगी जो आपका है उसे वापस पाने के आसान तरीके और जरूरी जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से मिलती सहायता। क्या हुआ?यदि आपने अपने पुराने बैंक खाते में पैसे जमा कर दिए थे और वह खाता लंबे समय से निष्क्रिय है – तो आपका जमा धन RBI के पास ट्रांसफर किया जा सकता है। कब ट्रांसफर होता है? बैंक के निष्क्रिय खाते (2 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक असक्रिय) में जमा राशि और दावा न की गई जमा राशि (10 वर्ष से अधिक) को RBI… अपने बैंक खाते में जमा करके भूले हुए पैसे वापिस कैसे पायें
- स्वधर्म परधर्म कहानी: कर्तव्य पालन की सच्ची सीखहर व्यक्ति और प्राणी का अपना एक विशेष कार्य होता है, और वह कार्य ही उसका स्वधर्म कहलाता है। एक धोबी के घर में एक गधा और एक कुत्ता रहता था। दोनों अपने-अपने काम में मालिक की सहायता करते थे। गधा रोज भारी सामान ढोता और कुत्ता घर की रखवाली का काम करता था। कुछ समय बाद कुत्ते के मन में यह भावना आने लगी कि मालिक उसे भोजन कम देता है जबकि गधे को अधिक मिलता है। इस कारण कुत्ता भीतर ही भीतर नाराज रहने लगा। एक रात घर में चोर घुस आए। कुत्ते ने उन्हें आते देखा, लेकिन… स्वधर्म परधर्म कहानी: कर्तव्य पालन की सच्ची सीख
- बंधुआ मजदूरी से मुक्ति की पहल अलमेलु बन्नन की प्रेरक यात्रामहत्वपूर्ण तथ्य 27 वर्षों में कुल 1856 परिवारों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त किया गया। अलमेलु बन्नन की उम्र वर्तमान में 47 वर्ष है। वे तमिलनाडु के सेलम जिले के एक दलित परिवार में जन्मीं। 14 वर्ष की आयु में एक शिक्षक वेंकटासलम द्वारा स्कूल में प्रवेश मिला। उन्होंने Cooperative Management में डिप्लोमा और B.Com की पढ़ाई की। उनका संगठन Rural Women Development Trust 74 गांवों में सांध्य स्टडी सेंटर चलाता है। अब तक 1580 महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। 4120 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद की गई। कभी बंधुआ मजदूर रहीं 62 महिलाएं आज उद्यमी बन… बंधुआ मजदूरी से मुक्ति की पहल अलमेलु बन्नन की प्रेरक यात्रा
- आर्थिक विकास में कृषि की भूमिकालेखक चौधरी चरण सिंह भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत एक अल्प विकसित देश है बेहद गरीबी का शिकार। गरीबी का अर्थ है उन चीजों का अभाव जिनसे जिन्दा रहने के लिए मनुष्य की आवश्यकताएँ पूरी होती हैं चाहे ये चीजें खेतों में पैदा हों या दूसरे क्षेत्रों में तैयार हों। इन सभी चीजों का मूल स्रोत भूमि है। भूमि से ही वह खाद्य पदार्थ उपजते हैं जिनका मनुष्य सेवन करता है और भूमि पर ही वह कच्चा माल पैदा होता है जिससे कृषीतर माल का उत्पादन होता है, और यह माल भी मनुष्य के उपयोग में आता है। दूसरे शब्दों में, सारी… आर्थिक विकास में कृषि की भूमिका
- पीयूष पाण्डेय डिजिटल मार्केटिंग गुरुमहत्वपूर्ण तथ्य 2012 में दिल्ली की सर्द शाम में Piyush Pandey ने कहा था: “कहानी में इंसानियत न हो तो कोई टेक्नोलॉजी नहीं बचा सकती।” पिछले दशक में Data Fetish को उन्होंने बार-बार चुनौती दी। Fevicol, Cadbury Dairy Milk और Polio Do Boond तीन ऐसी कैंपेन हैं जिन्होंने करोड़ों दिल जीते। आज डिजिटल में Hyper-Targeting है, पर Human Insight गायब है। उनकी तीन कैंपेन को आज User-Generated, Social Listening और WhatsApp Voice Notes से नया जीवन मिल सकता है। सिगरेट की लौ धुंध में चमक रही थी। 2012 की दिल्ली की ठंडी शाम। Piyush Pandey ने लंबी सांस छोड़ी और… पीयूष पाण्डेय डिजिटल मार्केटिंग गुरु
- ज़ोमैटो वाले दीपिन्दर गोयल की कहानीमहत्वपूर्ण तथ्य दीपिन्दर गोयल पंजाब के मुक्तसर में पले-बढ़े। उनके पिता हरबंस लाल गोयल जीवविज्ञान शिक्षक और माँ कौशल्या अंग्रेज़ी शिक्षिका थीं। बचपन में दीपिन्दर हकलाते थे और उन्हें अक्सर तुलना और तानों का सामना करना पड़ता था। उनको बिना पहचाने गए Asperger’s Syndrome का प्रभाव भी था। एक शिक्षक द्वारा परीक्षा में मदद मिलने के बाद उन्होंने केंद्रित मेहनत का महत्व समझा। एनटीएसई कैंप में उनकी मुलाकात अलबिंदर धिन्डसा से हुई, दोनों ने मिलकर IIT की तैयारी की। IIT दिल्ली से पढ़ाई के दौरान उन्होंने छोटी वेब परियोजनाओं पर काम किया। Bain & Company में काम करते हुए उन्होंने… ज़ोमैटो वाले दीपिन्दर गोयल की कहानी
- कम्प्यूटर नेटवर्किंग में करियरमहत्वपूर्ण तथ्य कम्प्यूटर नेटवर्किंग को हाई-प्रोफाइल जॉब सेक्टर माना जाता है। माइक्रोचिप टेक्नोलॉजी, इंटेल कॉर्पोरेशन, एसर और डेल जैसी कंपनियां नेटवर्किंग विशेषज्ञों पर निर्भर हैं। हैकिंग और साइबर सुरक्षा जोखिमों के कारण नेटवर्किंग विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। नेटवर्किंग की मदद से ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन बैंकिंग और वर्क फ्रॉम होम संभव होता है। कॉल सेंटर, बीपीओ, टेलीकॉम, सॉफ्टवेयर, एनिमेशन, बैंकिंग और मीडिया क्षेत्रों में नेटवर्किंग विशेषज्ञों की आवश्यकता रहती है। इस क्षेत्र में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर, नेटवर्क इंजीनियर, टेक्निकल सपोर्ट जैसी कई जॉब प्रोफाइल उपलब्ध हैं। नेटवर्किंग कोर्स के लिए 10वीं और 12वीं पास विद्यार्थी भी… कम्प्यूटर नेटवर्किंग में करियर
- वीडियो एडिटिंग करियर: युवाओं के लिए उभरते अवसरमहत्वपूर्ण तथ्य नेटफ्लिक्स और एमेजन प्राइम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर वेब सीरीज की बढ़ती लोकप्रियता से वीडियो एडिटिंग की मांग बढ़ी है। फिल्म, टीवी चैनल्स, वेब प्लेटफॉर्म्स और एनिमेशन उद्योग में वीडियो एडिटर्स की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। वीडियो एडिटिंग दो प्रकार की होती है: लीनियर एडिटिंग और नॉन-लीनियर (डिजिटल एडिटिंग)। नॉन-लीनियर एडिटिंग में कंप्यूटर और एडिटिंग सॉफ्टवेयर जैसे Adobe Premiere और Final Cut Pro का उपयोग होता है। 12वीं के बाद वीडियो एडिटिंग में डिग्री, डिप्लोमा और शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। रचनात्मक सोच, विजुअल्स की समझ और नई तकनीक की जानकारी इस क्षेत्र में सफलता के लिए… वीडियो एडिटिंग करियर: युवाओं के लिए उभरते अवसर
- भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की आवश्यकता और राहमहत्वपूर्ण तथ्य भारत के लिए डिजिटल संप्रभुता सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान स्थिति और आवश्यक लक्ष्य निम्नलिखित हैं: यूपीआई (UPI) मासिक लेनदेन: 20 बिलियन से अधिक। भारत का अनुसंधान एवं विकास (R&D) व्यय: सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 0.6-0.7 प्रतिशत पर स्थिर। चीन/दक्षिण कोरिया का R&D व्यय: सकल घरेलू उत्पाद के 2 प्रतिशत से अधिक। लक्ष्य (R&D व्यय): इसे लगातार सकल घरेलू उत्पाद के एक प्रतिशत तक बढ़ाना। शैक्षणिक कंप्यूट पहुँच का लक्ष्य: एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध होनी चाहिए। बड़े भाषा मॉडल (LLMs) का लक्ष्य: दो वर्षों के भीतर, भारत को कम से कम तीन खुले, भारत ग्रेड बड़े… भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की आवश्यकता और राह
- सरदार पटेल: भारत की एकता के शिल्पी का अविस्मरणीय योगदानभारत के इतिहास में सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम उस व्यक्तित्व के रूप में दर्ज है जिसने रियासती भारत को एकजुट कर एक सशक्त और संगठित राष्ट्र का स्वरूप दिया। उन्हें अक्सर जर्मनी के बिस्मार्क की तरह देखा जाता है, क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में देश को जोड़ने का कार्य किया जब स्वतंत्रता के बाद भारत कई टुकड़ों में विभाजित था। 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे पटेल साधारण पृष्ठभूमि से आगे बढ़ते हुए स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। आजादी के तुरंत बाद अंग्रेजों के प्रस्थान से उत्पन्न अस्थिर स्थिति में उन्होंने… सरदार पटेल: भारत की एकता के शिल्पी का अविस्मरणीय योगदान
- दादाभाई नौरोजी: भारत में जागरण की नैतिक अंतरचेतनामहत्वपूर्ण तथ्य दादाभाई नौरोजी का जन्म 4 सितंबर 1825 को बंबई के एक पारसी परिवार में हुआ। वे एलफिंस्टन कॉलेज में पहले भारतीय प्रोफेसरों में से एक थे। उन्होंने 1851 में गुजराती द्वैमासिक (Rust Goftar) की स्थापना की। नौरोजी द्वारा प्रस्तुत धन निकास सिद्धांत (Drain Theory) ने ब्रिटिश शासन की आर्थिक शोषण प्रणाली को उजागर किया। वे ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले भारतीय थे (1892, Central Finsbury सीट से)। उन्होंने स्वराज (Self-Government) की मांग को सबसे पहले स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। नौरोजी महिलाओं की शिक्षा, जातिगत भेदभाव और सामाजिक सुधार के कट्टर समर्थक थे। दादाभाई नौरोजी: भारत… दादाभाई नौरोजी: भारत में जागरण की नैतिक अंतरचेतना
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