हरी चाय पत्तियों का न्यूनतम मूल्य तय
असम के जोरहाट जिले में हरी चाय पत्तियों (green tea leaves) के लिए न्यूनतम मूल्य 25 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। यह फैसला जून 2025 के बेंचमार्क मूल्य पर आधारित है। छोटे चाय उत्पादकों (small tea growers) को इससे आर्थिक राहत मिलेगी। जिला समिति ने चाय कारखाना मालिकों को इस मूल्य का पालन करने का निर्देश दिया है। यह कदम छोटे उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।
संपर्क: जोरहाट जिला हरी चाय पत्ती मूल्य निगरानी समिति
किसानों का कहना है कि यह फैसला उनकी मेहनत का सम्मान है। सरकार ने इस नीति को लागू करने के लिए सख्ती बरतने का वादा किया है। इससे चाय उद्योग (tea industry) को स्थिरता मिलेगी। यह असम की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
अगमार्कनेट पोर्टल पर डेटा अपडेट की कमी
पोर्टल: अगमार्कनेट पोर्टल (Agmarknet portal)
केंद्र सरकार ने असम राज्य कृषि विपणन बोर्ड (ASAMB) को जून और जुलाई 2025 का डेटा अगमार्कनेट पोर्टल पर अपलोड न करने के लिए फटकार लगाई। इस पोर्टल पर बाजार की कीमतें और आवक की जानकारी अपलोड होनी चाहिए। डेटा की कमी से किसानों को बाजार की सही जानकारी नहीं मिल रही। बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय और जिला समितियों को डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया है।
यह पोर्टल किसानों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण है। डेटा अपडेट न होने से व्यापार और नीति निर्माण प्रभावित हो रहा है। सरकार ने इसे जल्द ठीक करने का वादा किया है।
छोटे चाय उत्पादकों की एमएसपी मांग
असम में छोटे चाय उत्पादकों ने हरी चाय पत्तियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग की है। अप्रैल-मई में 28-30 रुपये प्रति किलो की कीमत अब 10-15 रुपये तक गिर गई। असम में 1.33 लाख छोटे उत्पादक 2 लाख हेक्टेयर पर चाय उगाते हैं, जो राज्य के कुल उत्पादन का 42.75 प्रतिशत है। लागत बढ़ने से उत्पादक परेशान हैं।
संपर्क: असम छोटे चाय उत्पादक संघ
उत्पादकों ने सरकार से एमएसपी लागू करने और FPO (Farmer Producer Organizations) बनाने की मांग की है। यह कदम चाय उद्योग को मजबूत करेगा। सरकार ने इस पर विचार शुरू किया है।