बहुत याद आते हैं सरदार हरविन्द्र सिंघ आत्मा जी

harvinder singh atma

एक साल से भी ज्यादा समय बीत गया पिछले साल सितम्बर महीने की एक उदास सी शाम को जब मैं नारायणगढ़ से लौट रहा था तो अचानक से व्हाट्सएप्प पर एक संदेश प्राप्त हुआ जो सीनियर साथी श्री हरविंद्र सिंह आत्मा जी Harvinder Singh Atma के बारे में था। संदेश का ले आउट देख कर ही झटका लग गया और बड़े ही बोझिल मन से पढ़ा गया। आँखों के सामने अँधेरा था और दिमाग सुन्न। दो साल पहले ही नाबार्ड …

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