न्याय कानून मर्यादा और हम
न्याय किसी भी सभ्यता की नींव होता है। भारत में जिस सभ्यता को फिलहाल हम जी रहे हैं उसमें बसने वाले बाशिंदों को जब जब न्याय की आवश्यकता पड़ती है तो वो अपनी जरूरत और हैसियत मुताबिक खरीद लाते हैं और अपना काम सा चला लेते हैं। पंचकुला कोर्ट में आज से दो बरस पूर्व दस रुपये के स्टाम्प की जगह अनउपलब्धता का बहाना बना कर सौ रुपये का स्टांप पेपर एक सौ तीस रुपये का मिलना एक रुटीन सी …