महाराष्ट्र भारी बारिश से फसलों को नुकसान

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अमरावती में फसलों की तबाही

महाराष्ट्र के अमरावती संभाग में भारी बारिश (heavy rainfall) ने खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 2,22,494 हेक्टेयर जमीन पर फसलें बर्बाद हुई हैं, जिसमें 1,087 हेक्टेयर पर मिट्टी का कटाव और 5,734 हेक्टेयर पर कीचड़ जमा होने से नुकसान हुआ। बुलढाना जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां छह तालुके प्रभावित हैं। बारिश की वजह से 26 लोगों की जान गई और 16 परिवारों को आर्थिक मदद दी गई। किसान अपनी आय के नुकसान से परेशान हैं और सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

जायकवाड़ी बांध से पानी छोड़ा गया

छत्रपति संभाजीनगर के पैठण में जायकवाड़ी बांध से 9,432 क्यूसेक पानी गोदावरी नदी में छोड़ा गया। बांध 95 प्रतिशत भरा है और नासिक में भारी बारिश से जलस्तर बढ़ा है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, लेकिन सिंचाई (irrigation) के लिए भी फायदा हो सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों को सतर्क रहने को कहा है।

बुलढाना में बाढ़ और फसल नुकसान

बुलढाना जिले में तीन दिन की भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। बुलढाना, चिखली, मेहकर, लोनार और सिंधखेड राजा तालुकों में फसलें डूब गईं। कई गांवों का संपर्क टूट गया और प्रशासन ने लोगों की मदद की। किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

इगतपुरी में धान की फसल डूबी

नासिक के इगतपुरी में 24 घंटे में 166 मिमी बारिश हुई। दर्णा बांध से 18,438 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे धान की फसलें (paddy crops) डूब गईं और 12 गांवों का संपर्क टूट गया। किसान परेशान हैं और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

नवी मुंबई में प्याज की कीमतें बढ़ीं

मुंबई के एपीएमसी बाजार में चार दिन की बारिश से प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई। 15,000 बोरी प्याज की आवक के बावजूद कीमतें 2-4 रुपये प्रति किलो बढ़ीं, थोक मूल्य 18-20 रुपये प्रति किलो। नमी से प्याज की गुणवत्ता खराब हो रही है।

भोरे में भात की फसल हरी-भरी

पुणे के भोरे तालुके में तीन-चार दिन की बारिश ने भात (rice) और अन्य फसलों को मजबूत किया। 15 दिन के सूखे के बाद यह बारिश फायदेमंद रही। किसानों में खुशी है।

दौंड में मूंग की कीमतें बढ़ीं

पुणे के दौंड में मूंग की कीमत 400 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी, 337 क्विंटल की आवक। अन्य फसलों जैसे प्याज, अनार, धनिया की कीमतें स्थिर हैं। बाजार में मांग बनी हुई है।

ठाणे में ओला सूखा घोषित करने की मांग

ठाणे जिले में भारी बारिश से चावल, नागली और सब्जियां बर्बाद हुईं। जिला कांग्रेस समिति ने ओला सूखा (hailstorm drought) घोषित करने और 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की। प्रशासन ने पंचनामा शुरू किया है।

बारामती में दलहन फसलों की बुवाई बढ़ी

पुणे के बारामती में मई-जून की बारिश से दलहन फसलों (pulses) का क्षेत्र 328.90 प्रतिशत बढ़ा। उड़द, तुअर और मूंग की बुवाई बढ़ी, जिससे किसानों को फायदा हुआ।

गेवराई में कपास फसल का पंचनामा

बीड के गेवराई में भारी बारिश से खरीफ कपास (cotton) बर्बाद हुई। विधायक विजयसिंह पंडित ने सरसकट पंचनामा की मांग की। ई-क्रॉप सर्वे ऐप में सर्वर समस्याएं आ रही हैं।

सांगली में सिंचाई परियोजनाएं भरीं

सांगली में 40 सिंचाई परियोजनाएं (irrigation projects) 73 प्रतिशत क्षमता पर भरीं। इससे खेती को फायदा होगा। बारिश ने जलाशयों को भर दिया है।

पुरंदर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण

पुरंदर एयरपोर्ट के लिए 3,000 एकड़ जमीन चार गुना बाजार मूल्य पर ली जाएगी। किसानों से स्वैच्छिक सहमति 25 अगस्त से शुरू होगी।

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