छोटे काम का बड़ा नतीजा पेंटर और नाव वाला किस्सा

एक आदमी ने एक पेंटर को बुलाया और अपनी नाव दिखाकर कहा कि इसको पेंट कर दो । पेंटर ने उस नाव को लाल रंग से पेंट कर दिया जैसा कि नाव का मालिक चाहता था। फिर पेंटर ने अपने पैसे लिए और चला गया । अगले दिन, पेंटर के घर पर वह नाव का मालिक पहुँचा और उसने एक बहुत बड़ी धनराशि का चेक उस पेंटर को दिया। पेंटर भौंचक्का हो गया और पूछा ये इतने सारे पैसे किस बात के हैं ?मेरे पैसे तो आपने कल ही दे दिया थे । मालिक ने कहा भाई, ये पेंट का …

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औद्योगिक राष्ट्र भारत के पुनर्जागरण का सबूत है देसी ब्रांड त्रिंजन

भारत कभी भी कृषि प्रधान देश नही था। भारत की गली गली घर घर में इंडस्ट्री थी। भारत में कोई भी जगह ऐसी नही है जहां की कोई चीज मशहूर न हो।पुराने किसान बताते हैं कि अक्टूबर से मार्च तक उन्हें सर उठाने तो दूर मरने की भी फुर्सत नही मिलती थी क्योंकि गुड़ बनाने का काम बहुत जोरशोर और दिल लगा कर किया जाता था। कृषि का सारा सामान परिष्कृत रूप में गांव से बाहर निकलता था। किसान का पूरा परिवार मूल्यवर्धन और संबंधित व्यवस्थाओं में लगा रहता था।पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा टाउन में रहने वाले सरदार …

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खेती विरासत मिशन के मंथन से उपजा है देसी ब्रांड त्रिंजन

माता गुरचरण कौर जी कहती हैं कि मैं चरखा चला कर सूत कातने के साथ साथ अपना दुःख काट लेती हूँ।इस चरखे का महत्व हम न खुद समझ सके और न देश की मुख्य धारा में इसको शामिल कर सके।हमारे गांवों में बसे बढई देवता किस स्तर के सिद्धहस्त और तकनीकी लोग हैं। इसका पता उनके बनाये हुए यंत्रों को देख कर पता चलता है। हमने अपने पूरे एजुकेशन सिस्टम को सिर्फ नौकरी मांगने वाले बेरोजगार बनाने के हिसाब से क्रिएट किया है।गांधी जी मे चरखा चला कर आत्मिक बल आ जाया करता था लेकिन हमने चरखे का मूल्य नही …

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साफ़ समझ का समाज

कैथल क्षेत्र के गांवों में किसान खेतों में कूप आदि निर्माण करते हैं और उसके ऊपर घिया तौरी कद्दू पेठा की बेलें चढ़ा देते हैं। कल ऐसे ही एक कूप के ऊपर चढ़ कर मैंने भी घिया का निरीक्षण किया था। उसी फोटो को देख कर एक सूझवान मित्र का सुझाव आया था कि बेल में वेजिटेटिव ग्रोथ अधिक है इसमें प्रूनिंग की जाए तो ज्यादा उत्पादन मिलेगा। ज्यादा उत्पादन सुनकर मुझे भी जोश आया कि शाम को सूझवान मित्र से बुजुर्ग किसान भाग सिंह जी का वार्तालाप करवाऊंगा। शाम को वापिसी लौटते समय जब भागसिंह जी की बैठक में …

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फ़ूड फ़ॉर थॉटस वर्टिकल फार्मिंग

वर्टिकल फार्मिंग आज कोई नया सब्जेक्ट बेशक़ होगा लेकिन हरियाणा पंजाब के देहातों में ये आदिकाल से होती आई है। जो बात सबसे बेहतर है वो यह है कि तकनीक के किसी एक पक्ष को इतना हावी नही किया जाता है कि वो त्रास बन जाये। तकनीक को साधारण सरल और सुघड़ रखना किसानों को बखूबी आता था लेकिन ज्ञान से विमुख करने वाले विज्ञान ने जब से प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज का बफ़े समाज मे प्रस्तुत किया है सब सिस्टम गोलमाल सा हो गया है। चार बार गुल्ली डंडे की स्प्रे करने के बाद भी किसान कहता है कि गुल्ली …

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ताश के पत्ते और हमारा सनातन विज्ञान

हम ताश खेलते है, अपना मनोरंजन करते है। ताश का खेल हर जगह खेला जाता है। पर शायद कुछ ही लोग जानते होंगे कि ताश आधार वैज्ञानिक है, व साथ साथ ही प्राकृति से भी जुड़ा हुआ है: आयताकार मोंटे कागज़ से बने पत्ते चार प्रकार के ईंट, पान, चिड़ी, और हुक्म, प्रत्येक 13 पत्तों को मिलाकर कुल 52 पत्ते होते हैं। क्रमांक गुण व्याख्या 1. पत्ते एक्का से दस्सा, गुलाम, रानी एवं राजा 2. 52 पत्ते 52 सप्ताह 3. 4 प्रकार के पत्ते 4 ऋतु 4. प्रत्येक रंग के 13 पत्ते प्रत्येक ऋतु में 13 सप्ताह 5. सभी पत्तों …

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समाज-तकनीक-वर्तमान-भूतकाल और भविष्य

29 जुलाई 2019, ग्राम अन्जन्थली, करनाल, हरियाणा , भारत आज सुबह चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 11 बजे युवा लेखक शिव्या जी से अप्पोइंटमेन्ट थी जो गोआ चंडीगढ़ फ्लाइट से आई थी। आने का मकसद किसान संचार द्वारा किसानों को दी जा रही मौसम आधारित सूचनाओं से उपजे प्रभाव का अध्यन करना और फिर एक लेख में लिपिबद्द करना। खैर सारे काम कूम खत्म करने के बाद मैडम शिव्या जी से उनकी शिक्षा दीक्षा के बारे में बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सिंगापुर से पढ़ाई की है। सिंगापुर का नाम सुनकर क्यूरोसिटी के कीड़े ऐड़ी ठा कर खड़े होने निश्चित …

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समय बेहद कीमती है इसे नष्ट ना करें

जीवन में समय का अत्यंत महत्व है क्यूंकि समय तो निरंतर चलता रहता है और जीव को जीवन में समय सीमित मिलता है इसीलिए परमात्मा द्वारा प्रदत्त इस अनुपम गिफ्ट को हमें भरपूर जीने का प्रयास करना चाहिए क्यूंकि यही एक ऐसा प्राकृतिक संसाधन है जो पूरी तरह से तब तक हमारे हाथ में है जब तक जीवन की डोर अटूट है

फ़ूड टेक्नोलॉजी सेक्टर में मेरे अनुभव

विषय से जुड़ाव साल 1997 में हरियाणा कृषि विश्विधालय में फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय के दूसरे बैच में मेरा एडमिशन हुआ था और मैं बहुत उत्साहित था विशेषकर विश्वविधालय के विशाल प्रांगण को देख कर और नेहरु लाईब्रेरी को पा कर इतनी विशाल और समृद्ध लाईब्रेरी मैंने पहले कभी देखी नही थी। पहला साल बड़े चाव चाव में बीता और फ़ूड केमिस्ट्री , फ़ूड माईक्रोबायोलोजी आदि विषयों ने मन में रोमांच भी पैदा किया और दिमाग के नये दरवाजे भी खोले मैं चूँकि अपने कोर्स की किताबें कम पढता था और अन्य विषयों में मेरी बहुत रूचि रहती थी। …

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मनुष्य के दस महत्वपूर्ण कर्तव्य

धर्म का एकमात्र अर्थ केवल कर्तव्य ही होता है न कि उपासना पद्दति , हिन्दू सनातन मत विश्व की प्राचीनतम वैज्ञानिक व्यवस्थाओं में से एक है, आइये जानें सनातन मत के अनुसार हमारे क्या क्या कर्तव्य हैं | सनातन मत एक वैज्ञानिक व्यवस्था पर मनीषियों द्वारा बहुत लम्बे समय के चिंतन और मनन के बाद स्थापित हुआ है , अक्सर हिन्दू धर्म को पूजा पद्दति के तरीके से देखा जाता है और इस विषय पर चर्चा का स्कोप खत्म कर  दिया जाता है | धर्म मेरा बड़ा रोचक विषय रहा है आर्यसमाज से सम्पर्क में आ कर मैंने बचपन में ही …

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