जनता गर्ल्स पी.जी. कॉलेज ऐलनाबाद की अद्भुत गाथा

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जनता गर्ल्स पी.जी. कॉलेज ऐलनाबाद की कहानी बेहद रोचक और अत्यंत प्रेरणादायक है और आज मुझे अचानक ही मालूम चली हुआ यूं कि आज दफ्तर के काम से मुझे ऐलनाबाद आना पड़ा जो कि हरियाणा राज्य के सिरसा जिले का छोटा सा टाउन है। यहाँ मेरे मित्र मार्गदर्शक श्रीमान शीशपाल हरदू जी रहते हैं। जिनके सानिध्य में आज सभी ऑफिशियल दायित्वों का निर्वहन हो रहा था। दरअसल आज किसान संचार और विंगीफाई फाउंडेशन नई दिल्ली की ओर से सिरसा जिले के दस स्कूलों में पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन आयोजन किया गया था और श्रीमान शीशपाल हरदू जी रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं उन्होंने …

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इवान फर्नांडिस की मां की सीख

केनिया के सुप्रसिद्ध धावक अबेल मुताई आलंपिक प्रतियोगिता मे अंतिम राउंड मे दौडते वक्त अंतिम लाइन से कुछ मिटर ही दूर थे और उनके सभी प्रतिस्पर्धी पीछे थे । अबेल ने स्वर्ण पदक लगभग जीत ही लिया था । सभी दर्शक उनके नाम का जयघोष कर रहे थे , इतनेमें कुछ गलतफहमी के कारण वे अंतिम रेखा समझकर एक मीटर पहले ही रुक गए। उनके पीछे आनेवाले स्पेन के इव्हान फर्नांडिस के यह ध्यान मे आया कि अंतिम रेखा समझमे नहीं आने की वजह से वह पहले ही रुक गए है । उसने चिल्लाकर अबेल को आगे जाने के लिए …

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अभियंता दिवस विशेष

ब्रिटेन में एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी। ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी। उसी ट्रेन के एक डिब्बे में अंग्रेजों के साथ एक भारतीय भी बैठा हुआ था। डिब्बा अंग्रेजों से खचाखच भरा हुआ था। वे सभी उस भारतीय का मजाक उड़ाते जा रहे थे। कोई कह रहा था, देखो कौन नमूना ट्रेन में बैठ गया। तो कोई उनकी वेश-भूषा देखकर उन्हें गंवार कहकर हँस रहा था। कोई तो इतने गुस्से में था, की ट्रेन को कोसकर चिल्ला रहा था, एक भारतीय को ट्रेन मे चढ़ने क्यों दिया ? इसे डिब्बे से उतारो। किँतु उस धोती-कुर्ता, काला …

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बूढी मां के तीन गहने

उन्नीसवीं शताब्दी का अंतिम समय था। ठाकुरदास नामक एक वयोवृद्ध कोलकता में रहता था। उसके परिवार में केवल एक बच्चा और पत्नी थी। इस सीमित परिवार का भरण-पोषण भी ठीक प्रकार से न हो पाता। नियति ने उन्हें मेदिनीपुर जिले के एक गाँव में ला पटका। वहाँ ठाकुरदास को दो रुपये महावार की नौकरी मिली। कालाँतर में उनका देहाँत हो गया। पत्नी के कंधों पर सारे परिवार का दायित्व आया। इसी तरह कई वर्ष बीत गए। एक दिन रात के समय बेटे ने अपनी माँ के पैर दबाते हुए पूछा, “माँ मेरी इच्छा है कि मैं पढ़-लिखकर बहुत बड़ा विद्वान …

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